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अनोखा समाज द्वारा आयोजित "बाल कविता प्रतियोगिता" के बारे में विस्तृत जानकारी नीचे दी गई है:
प्रतिभागिता के लिए पात्रता
यह प्रतियोगिता मुख्य रूप से कुंवारी पंचायत के बच्चों के लिए आयोजित की जा रही है। कुंवारी पंचायत के किसी भी गांव के बच्चे इसमें भाग ले सकते हैं।
बाहर रहने वाले बच्चे: वे बच्चे जिनका पैतृक गांव कुंवारी पंचायत है, लेकिन वे वर्तमान में पढ़ाई के लिए पूर्णिया, कटिहार, दिल्ली या किसी अन्य शहर में रह रहे हैं, वे भी इस प्रतियोगिता के पात्र हैं।
अन्य क्षेत्रों के बच्चे: जो बच्चे कुंवारी पंचायत से नहीं हैं लेकिन कविता में रुचि रखते हैं, वे भी अपना वीडियो भेज सकते हैं। हालांकि, वे मुख्य प्रतियोगिता का हिस्सा नहीं होंगे, लेकिन उनके वीडियो को अनोखा समाज के सोशल मीडिया हैंडल पर फीचर (प्रसारित) किया जाएगा।
आयु और कक्षा श्रेणियाँ
प्रतियोगिता को शैक्षिक स्तर के आधार पर दो मुख्य श्रेणियों में बांटा गया है:
कक्षा 1 से कक्षा 6 तक।
कक्षा 6 से कक्षा 10 तक।
निष्पक्षता बनाए रखने के लिए, इन श्रेणियों को आगे दो समूहों में विभाजित किया गया है:
गांव/सरकारी स्कूल समूह: गांव में रहने वाले और सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों की प्रतियोगिता आपस में होगी।
बाहर/निजी स्कूल समूह: पंचायत से जुड़े वे बच्चे जो बाहर शहरों में रहते हैं या CBSE स्कूलों में पढ़ते हैं, उनकी प्रतियोगिता अपने जैसे शैक्षिक परिवेश वाले बच्चों के साथ होगी।
महत्वपूर्ण तिथियाँ
वीडियो भेजने की अवधि: 14 जनवरी 2026 से 19 जनवरी 2026 तक।
विजेताओं की घोषणा: 25 जनवरी 2026 ।
पुरस्कार वितरण: 26 जनवरी 2026 ।
वीडियो सबमिशन के नियम
वीडियो पोर्ट्रेट मोड (फोन को खड़ा रखकर) में बनाना चाहिए, लैंडस्केप में नहीं ।
वीडियो की शुरुआत में बच्चे को अपना नाम, पिता का नाम, गांव का नाम, अपनी कक्षा और कविता का शीर्षक स्पष्ट रूप से बताना होगा।
वीडियो की अवधि अधिमानतः 1 से 2 मिनट के बीच होनी चाहिए।
वीडियो दिए गए व्हाट्सएप ग्रुप या डिस्क्रिप्शन में दिए गए लिंक के माध्यम से भेजा जा सकता है।
निर्णायक और पुरस्कार
निर्णायक: इस प्रतियोगिता के दो मुख्य निर्णायक बृजेश सिंह (सरकारी शिक्षक) और भारती कुमारी ( लेखिका और कवयित्री) होंगे।
पुरस्कार: पुरस्कार बच्चों की पढ़ाई-लिखाई से संबंधित और मूल्यवान होंगे। इसकी प्रायोजक भारती दीदी हैं।
इस संरचना को समझने के लिए आप इसे एक खेल प्रतियोगिता की तरह देख सकते हैं, जहाँ खिलाड़ियों को उनके अनुभव और संसाधनों (जैसे स्थानीय टीम बनाम बाहरी अकादमी टीम) के आधार पर अलग-अलग समूहों में रखा जाता है ताकि मुकाबला बराबरी का और न्यायपूर्ण हो।
कविता में भाग लेने हेतु फॉर्म भरने के लिए इस लिंक पर क्लिक करें ।